चाहे जाये जान!
सुबह हो, शाम हो या रात हो,
ज़ुबां पर बस तेरी ही बात हो!
अकेले या खड़े हों भीड़ में,
हमेशा तुम हमारे साथ हो!
भिगोए मन मेरा यादें तेरी,
धूप हो, छाँव या बरसात हो!
जमीं औ' आसमां जहाँ मिलते,
वहीं पे अपनी मुलाकात हो!
करेंगे प्यार शमां से परवाने,
जाती चाहे उनकी जान हो!
http://anilchadah.blogspot.com
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